[10:01 am, 24 Mar 2013 | No Comment | 342 views]
वुजू से रहिए, तंदुरुस्त रहोगे

शायद आपको जानकर हैरत हो कि वुजू स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद और कारगर है। नमाज से पहले पांच वक्त वुजू बनाने से इंसान ना केवल कई तरह की बीमारियों से बचा रहता है बल्कि वह तंदुरुस्त और एक्टिव  बना रहता है।
ऐ ईमान वालो! जब तुम नमाज के लिए तैयार हो तो अपने मुंह और कोहनियों तक हाथ धो लिया करो और अपने सिर पर मस्ह कर (गीला हाथ फेर) लिया करो और अपने पैरों को टखनों तक धो लिया करो। और अगर नापाक हो तो (नहाकर) पाक हो लिया करो, और अगर तुम बीमार हो या सफर में हो या तुममें से कोई शौच करके आया हो या तुमने औरतों से सोहबत (सहवास) की हो और तुमको पानी न मिल सके तो साफ मिट्टी से काम लो। उस पर हाथ मारकर अपने मुंह और हाथों पर फेर…



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कुरआन »

[22 Apr 2011 | One Comment | 949 views]
वादा और अमानत

1. हे आस्तिको ! प्रतिज्ञाओं को पूरा करो। -कुरआन [5, 1]
2. …और अपनी प्रतिज्ञाओं का पालन करो, निःसंदेह प्रतिज्ञा के विषय में जवाब तलब किया जाएगा।  -कुरआन [17, 34]
3. …और अल्लाह से जो प्रतिज्ञा करो उसे पूरा करो। -कुरआन [6,153]
4. और तुम अल्लाह के वचन को पूरा करो जब आपस में वचन कर लो और सौगंध को पक्का करने के बाद न तोड़ो और तुम अल्लाह को गवाह भी बना चुके हो, निःसंदेह अल्लाह जानता है जो कुछ तुम करते हो। -कुरआन [16, 91]
5. निःसंदेह अल्लाह तुम्हें आदेश देता है कि अमानतें उनके हक़दारों को पहुंचा…

इस्लाम और विज्ञान »

वुजू से रहिए, तंदुरुस्त रहोगे

शायद आपको जानकर हैरत हो कि वुजू स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद और कारगर है। नमाज से पहले पांच वक्त वुजू बनाने से इंसान ना केवल कई तरह की बीमारियों से बचा रहता है बल्कि वह तंदुरुस्त और एक्टिव  बना रहता है।
ऐ ईमान वालो! जब तुम नमाज के लिए तैयार हो तो अपने मुंह और कोहनियों तक हाथ धो लिया करो और अपने सिर पर मस्ह कर (गीला हाथ फेर) लिया करो और अपने पैरों को टखनों तक धो लिया करो। और अगर नापाक हो तो (नहाकर) पाक हो लिया करो, और अगर तुम बीमार हो या सफर…

दावत-ओ-तबलीग »

अल्लाह साकार है अथवा निराकार?

साकार या निराकार की अवधारणा की जगह, वह कुरआन में अपने बारे बताता है कि:
 
Say: He is Allah, the One and Only! Allah, the Eternal, Absolute; He begetteth not nor is He begotten. And there is none like unto Him. [112:1-4]
 
कहो: “वह अल्लाह यकता (अकेला ) है, अल्लाह निरपेक्ष (और सर्वाधार) है, न वह जनिता है और न जन्य (अर्थात न वह किसी का बाप / माँ है और न बेटा / बेटी), और न कोई उसका समकक्ष है.
ऊपर वर्णित ‘सूराह इखलास’ कुरआन की एक बहुत ही महत्वपूर्ण है सूराह है, क्योंकि यह ईश्वर की अखंडता (Tawhid)…

शिक्षा »

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खतना नहीं खतरनाक, बचाता है खतरनाक बीमारियों से

अमरीका के शिकागो स्थित बालरोग पर शोध करने वाली संस्था ‘द अमरीकन एकेडेमी ऑफ पीडीऐट्रिक्स ने अपने ताजा बयान में कहा है कि नवजात बच्चों में किए जाने वाले खतना या सुन्नत के सेहत के लिहाज से बड़े फायदे हैं। सच भी है कि समय-समय पर दुनियाभर में हुए शोधों ने यह साबित किया है कि खतना इंसान की कई बड़ी बीमारियों से हिफाजत करता है। खतना एक शारीरिक शल्यक्रिया है जिसमें आमतौर पर मुसलमान नवजात बच्चों के लिंग के ऊपर की चमड़ी काटकर अलग की जाती है।
इस समय खतना (सुन्नत) यूरोपीय देशों में बहस का विषय बना हुआ…

समाज »

‘हलाला’ शरिया कानून का हिस्सा नहीं है

हलाला शरियत का कानून नहीं है बल्कि इस्लाम के खिलाफ है। मैंने अपने लेख में बताया था कि इस्लाम के अनुसार तलाक़ क्या होती है और एक बार तलाक़ होने के बाद कोई भी महिला अपनी मर्ज़ी से दूसरा विवाह करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होती है। हाँ अगर किसी महिला की या उसके पति की उससे नहीं बनती और बदकिस्मती से फिर से तलाक़ की स्थिति आ जाती है। तो ऐसी अवस्था में वह महिला अपनी इच्छा से फिर से पहले पति से शादी कर सकती है। 

 

क्या ‘हलाला’ शरिया कानून का हिस्सा है?

 

‘हलाला’ शरिया…

ख़ास »

अज़मते ख़ान ए काबा

इस दुनिया में ख़ुदा का पहला घर ख़ान ए काबा है। तारीख़े अतीक़ भी इस बात की गवाह है कि इससे क़ब्ल कोई एक भी ऐसी इबादत गाह कायनात में मौजूद नही थी जिसे ख़ुदा का घर कहा गया हो। इस की तसदीक़ क़ुरआने मजीद भी इन अल्फ़ाज़ में करता है:
(सूर ए आले इमरान आयत 96)
तर्जुमा: बेशक पहला घर जो लोगों की इबादत के लिये मुक़र्रर किया गया था वह यही है बक्का में, जो बा बरकत और सारे जहानों के लिये मुजिबे हिदायत है।
एक तारीख़ी रिवायत के मुताबिक़ ख़ान ए काबा बैतुल मुक़द्दस की मस्जिदुल अक़सा…